anxiety disorder symptoms and treatment | चिंता: लक्षण, कारण

सामान्यकृत चिंता विकार (Generalized anxiety disorder) में रोग ग्रस्त व्यक्ति किसी स्पष्ट कारण के बिना अत्यधिक चिंता करता है। चिंता विकार का निदान तब किया जाता है जब कुछ चीजों के बारे में अत्यधिक चिंताएं छह महीने या उससे अधिक समय तक रहती हैं। धीरे-धीरे यही चिंता अवसाद में बदल जाती है। सामाजिक चिंता विकार (Social anxiety disorder) सामाजिक परिस्थितियों का सामना करने में लगने वाला भय और दूसरों के द्वारा अपमानित होने का गंभीर सामाजिक भय है।  इसमें रोगी अकेला और शर्मिंदा महसूस करता है। anxiety disorder symptoms and treatment.

anxiety disorder symptoms and treatment

अभिघातज के बाद का तनाव विकार)(Post Traumatic Stress Disorder) 

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पीटीएसडी तब होता है जब आप कुछ दर्दनाक अनुभव करते  हैं। इसके लक्षण तुरंत नज़र आ सकते हैं या कुछ समय बाद नज़र आने शुरू हो सकते हैं। इसके कारणों में युद्ध, प्राकृतिक आपदाएं या शारीरिक हमले शामिल हैं। लंबे समय तक चले आ रहे सामाजिक संघर्षों से यह तनाव अधिक होता है। आने वाले कल की चिंता हमेशा सताती है।

 जुनूनी बाध्यकारी विकार (Obsessive-compulsive disorder) 

जुनूनी बाध्यकारी विकार भी एनज़ाइटी का एक प्रकार है। ओसीडी से ग्रस्त लोग बार-बार कोई विशेष प्रकार का कार्य करने की इच्छा से अभिभूत होते हैं जैसे की बार बार हाथ धोना, सफाई करना, गणना करना आदि। बार-बार कुछ करने के लिए सोचना लेकिन करने के बाद उसे पूरा न करना। आधा छोड़कर पछतावा करना भी इसी विकार में शामिल है।

फोबिया (Phobia)

 फोबिया (Phobia) भी एंग्जायटी का ही प्रकार है उदहारण के तौर पर तंग बंद स्थान से डर और ऊंचाइयों से डर शामिल हैं। इस स्थिति में भयग्रस्त वस्तु या स्थिति से बचने की तीव्र इच्छा होती है।

पैनिक डिसऑर्डर (Panic disorder)

 पैनिक डिसऑर्डर (Panic disorder) के कारण, पैनिक अटैक होता है, जो गहन चिंता और डर का कारण बनता है। इसके शारीरिक लक्षणों में अनियमित दिल की धड़कन, घबराहट, छाती में दर्द और सांस लेने में तकलीफ शामिल हैँ। ये किसी भी समय हो सकता है। किसी भी प्रकार की एंग्जायटी से ग्रस्त लोगों को पैनिक अटैक हो सकते हैं। 

सभी चिंता विकारों के कुछ सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं-

  • घबराहट, भय और बेचैनी।
  • नींद सम्बंधित समस्याएं।
  • शांत और स्थिर रहने में अक्षमता ।
  • हाथ या पैर का ठंडा पड़ना, पसीने आना, सुन्न या झुनझुनाहट ।
  • सांस लेने में दिक्कत ।
  • शुष्क मुँह।
  • जी मिचलाना।
  • ऐंठी हुई मांसपेशियां।
  • चक्कर आना।
  • तेजी से श्वास लेना या हाइपरवेंटिलेशन (Hyperventilation).
  • ज्यादा पसीना आना।
  • कमजोरी और सुस्ती।
  • जिस चीज के बारे में आप चिंतित हैं उसके अलावा किसी और चीज के ऊपर स्पष्ट रूप से ध्यान देने या सोचने में कठिनाई।
  • पाचन या जठरांत्र संबंधी समस्याएं।

चिंता रोग के कारण और जोखिम के कारक – Anxiety Causes & Risk Factors

चिंता क्यों होती है?

  1. शोधकर्ताओं को ठीक से नहीं पता है कि वास्तव में एंग्जायटी का क्या कारण होता है। मानसिक विकारों के अन्य रूपों की तरह, ये भी कुछ चीज़ों के संयोजन से होता है, जिनमें आपके मस्तिष्क और पर्यावरण में बदलाव, तनाव और आनुवंशिकता भी शामिल हैं।
  2. असल में चिंता मनुष्य द्वारा अर्जित एक विकार है। मन के प्रभाव के कारण मनुष्य प्रकृति पर अपना नियंत्रण करना चाहता है। कभी-कभी चीजें मनुष्य के अनुकूल होती हैं तो यह खुश हो जाता है परन्तु जब प्रकृति इसके विपरीत प्रतिक्रिया करती है तो यह दुखी होता है। यही चिंता का कारण है।
  3. हालांकि ऐसा माना जाता है की शंकित व्यवहार, जैसे आकुलता, चिंता का कारण बनता है। चिंता एक विकार में बदल जाती है जब आकुलता और चिंता सामान्य जीवन शैली में हस्तक्षेप करते हैं। चिंता से हमें डरने की आवश्यकता नहीं है।
  4. यह मानना सामान्य है कि कुछ चीजें हमें नुकसान पहुंचा सकती हैं। वास्तव में, डरना, शरीर के अस्तित्व तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हम डर जाते हैं जब हमें यह लगता है कि हमें या किसी व्यक्ति या किसी चीज़ जिसकी हम परवाह करते हैं, को हानि पहुँच सकती है।
  5. समस्या यह है कि ज़्यादा चिंतित रहने वाले व्यक्तिओं को उन लोगों की तुलना में खतरा ज़्यादा होता है जो कम चिंतित रहते हैं। बहुत अधिक चिंतित व्यवहार हमारे जीवन में चिंता विकार का कारण बनता है।

चिंता रोग के जोखिम कारक

निम्नलिखित कारकों से चिंता विकार होने के जोखिम में वृद्धि हो सकती है –

  1. आघात – जिन बच्चों ने आघात या कोई दर्दनाक घटनाओं का सामना किया होता है, उन्हें अपने जीवनकाल में चिंता विकार होने का उच्च जोखिम होता है। इसी प्रकार बड़ों में भी कोई दर्दनाक घटना का अनुभव करने पर चिंता विकारों का विकास हो सकता है।
  2. बीमारी के कारण तनाव – बीमारी की स्थिति या गंभीर बीमारी से आपको आपके उपचार और भविष्य के मुद्दों पर चिंता हो सकती है।
  3. तनाव निर्माण – कोई बड़ी घटना या छोटी तनावपूर्ण जीवन परिस्थितियों का निर्माण बहुत ज़्यादा चिंता पैदा कर सकता है। उदाहरण के लिए – परिवार में एक मौत, काम के तनाव और किसी समस्या के बारे में चिंता होना।
  4. व्यक्तित्व – कुछ विशेष व्यक्तित्व के प्रकार के लोग दूसरों की तुलना में चिंता विकारों से ग्रस्त होते हैं।
  5. अन्य मानसिक स्वास्थ्य विकार – अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी विकारों वाले लोग, जैसे कि अवसाद, चिंता विकार का कारण बनता है।
  6. ड्रग्स या अल्कोहल – ड्रग्स या अल्कोहल का सेवन करने से भी चिंता विकार हो सकता है या उसके लक्षण बिगड़ सकते हैं।

तनाव कंट्रोल करना 

यदि आपको चिंता होती है, तो आपके जीवन में तनाव को कम करना महत्वपूर्ण है। आराम करने के तरीके ढूंढें। व्यायाम तनाव को दूर करने का एक अच्छा तरीका है। व्यायाम के अलावा, अपने नियमित काम से ब्रेक लें या छुट्टी की योजना बनाएं। यदि आपको किसी विशेष चीज़ का शौक है, तो उसके लिए समय निकालें। ऐसी चीजें करें जो आपको बेहतर महसूस करवाती हैं। किसी नई जगह के प्राकृतिक सौंदर्य का अवलोकन करें।

 संतुलित भोजन का सेवन करें

एक स्वस्थ आहार खाने से आप शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से बेहतर महसूस कर सकेंगे। कोशिश करें जब भी संभव हो, फल, सब्जियां और पूरे अनाज शामिल करें। चिकना, मीठा, ज्यादा वसा युक्त, संसाधित खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।

 लेन देन का हिसाब रखें

अपने तनाव और चिंता वाली मनोदशा का हिसाब रखें। इन चीज़ों का हिसाब रखने से आपको याद रहेगा की किस कारण से आपको चिंता या तनाव होते हैं।

 मादक पदार्थों से बचें

तम्बाकू, ड्रग्स और शराब को अक्सर तनाव काम करने वाले पदार्थ माना जाता है लेकिन इनका उपयोग शरीर को वास्तव में नुकसान पहुंचाता है, जिससे तनाव और चिंता का सामना करना मुश्किल हो जाता है। कैफीन से भी चिंता विकार हो सकता है या उसे बढ़ा सकता है। सामान्य तौर पर, जो चीज़ें आपको स्वस्थ बनाती हैं वह आपको तनाव और चिंता से निपटने में मदद भी करती हैं।

चिंता का परीक्षण – Diagnosis of Anxiety

  • यदि आपको चिंता विकार के लक्षण हैं, तो आपके डॉक्टर आपकी जांच करेंगे और आपके मेडिकल इतिहास की मांग करेंगे। वह आपके मानसिक विकार से सम्बंधित कुछ परिक्षण कर सकते हैं।
  • हालांकि, चिंता विकार का निदान करने के लिए कोई विशेष परिक्षण नहीं है।
  • यदि आपके डॉक्टर को कोई मेडिकल कारण नहीं मिल रहा है, तो वह आपको एक मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक या किसी अन्य मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के पास जाने की सलाह दे सकते हैँ।
  • ये डॉक्टर आपसे सवाल पूछेंगे और उपकरण एवं परीक्षण का इस्तेमाल करके पता लगाने का प्रयास करेंगे कि आपको चिंता विकार है या नहीं।
  • आपके डॉक्टर आपका निदान करते समय आपके लक्षणों की अवधि और तीव्रता पर विचार करेंगे।
  • वह यह भी देखेंगे कि क्या इसके लक्षणों के कारण आपको अपनी सामान्य गतिविधियों को पूरा करने में समस्या हो रही हैं या नहीं।

चिंता का इलाज – Anxiety Treatment 

चिंता विकार का इलाज दवा, मनोचिकित्सा या संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी (Cognitive behavioral therapy) के साथ किया जा सकता है। अक्सर, उपचार का सबसे अच्छा तरीका एक या दो प्रक्रियाओं का संयोजन होता है। चिंता विकारों का उपचार दीर्घकालिक रूप में किया जाना चाहिए। ज्यादातर मामलों में, इसका इलाज सफल होता है।

दवा

कई एन्टीडिप्रेसेन्ट दवाएं चिंता विकारों के इलाज में काम आ सकते हैं।

 मनोचिकित्सा (Psychotherapy)

यह एक प्रकार की काउन्सलिंग है जो मानसिक बीमारी के लिए भावनात्मक प्रतिक्रिया को संबोधित करता है। एक मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ आपको आपके चिंता संबंधी विकार के बारे में समझाने और उससे निपटने के बारे में वार्तालाप के ज़रिए मदद करता है।

संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी (Cognitive behavioral therapy)

सीबीटी चिकित्सा एक प्रकार की मनोचिकित्सा है जिसमे आपको आपके सोचने के पैटर्न और व्यवहार में बदलाव जिनसे एनज़ाइटी होती है उनकी पहचान करना सिखाया जाता है।

चिंता की जटिलताएं – Anxiety Complications 

चिंता विकार होने से आपको निम्नलिखित जटिलताएं हो सकती हैं –

  1. अवसाद (जो अक्सर चिंता विकार के साथ होता है) या अन्य मानसिक स्वास्थ्य विकार।
  2. मादक द्रव्यों का सेवन करने की इच्छा।
  3. नींद आने में परेशानी (अनिद्रा)।
  4. पाचन या आंत्र की समस्याएं।
  5. सिरदर्द और लम्बे समय तक रहने वाला दर्द।
  6. सामाजिक अलगाव।
  7. जीवन की खराब गुणवत्ता।
  8. आत्महत्या के विचार आना।

चिंता में परहेज़ – What to avoid during Anxiety ?

चिंता विकार में निम्नलिखित खाद्य पदार्थों का सेवन न करें –

कॉफी

कॉफी आपके शरीर में कोर्टिसोल के स्तर को बढ़ाता है जिससे आपको चिंता महसूस हो सकती है, इसीलिए चिंता विकार होने पर कॉफी के सेवन से बचें।  

शराब

हो सकता है कि चिंता विकार में आपको शराब पीने का मन करे परन्तु ऐसा करने से आपके लक्षण और बिगड़ सकते हैं।  

चीनी

शराब की तरह ही चिंता विकार में आपको मीठे पदार्थ खाने का मन कर सकता है परन्तु ऐसा करने से आपके लक्षण और खराब हो सकते हैं।

चिंता में क्या खाना चाहिए? – What to eat during Anxiety ?

चिंता विकार में निम्नलिखित खाद्य पदार्थों का सेवन लाभदायक हो सकता है –

  1. ओमेगा 3 फैटी एसिड युक्त खाद्य पदार्थ।
  2. प्रोबायोटिक वाले खाद्य पदार्थ।
  3. खूब सारा पानी।
  4. एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थ।
  5. मैग्नीशियम वाले खाद्य पदार्थ।
  6. विटामिन बी युक्त पदार्थ।

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